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मेथी के औषधीय प्रयोग

आयुर्वेद के अनुसार डाइबिटीज व मधुमेह में मेथी का सेवन बहुत लाभदायक माना गया है। मेथी को भारतभर में आमतौर पर सेवन किया जाता है। यदि मेथी की सब्जी लोहे की कढ़ाही में बनायी गई तो इसमें लौह तत्व ज्यादा बढ़ जाती है। एनीमिया यानी खून की कमी के रोगियों को यह बहुत फायदेमंद है।

किसी भी व्यक्ति की कैल्सियम की दिनभर की जरूरत 400 मि. ग्राम कैल्सियम मिल जाता है। विटामिन ए और सी भी मेथी में खूब रहता है। ये दोनों विटामिन मेथी दानों की तुलना में मेथी की सब्जी में ज्यादा होते है। साधारण मेथी चम्पा व कसूरी मेथी। मेथी व मेथी दाना डाइबिटीज रोगियों के लिए बहुत अधिक लाभदायक है।

दूब या दुर्वा के औषधीय प्रयोग

यह घास एक बार लगा दी तो ज़्यादा देखभाल नहीं मांगती और कठिन से कठिन परिस्थिति में भी आराम से बढती है . इसमें कीड़े भी नहीं लगते ..इसलिए लॉन में कोई अन्य घास लगा कर दुर्वा ही लगाना चाहिए .कहा जाता है की यह समुद्र मंथन से मिली थी
 , अतः यह लक्ष्मी जी की छोटी बहन है . दूर्वा गणेश जी को प्रिय है और गौरा माँ को भी . वाल्मिकी रामायण में श्री राम जी का रंग दुर्वा की तरह बताया गया है .

- इस पर नंगे पैर चलने से नेत्र ज्योति बढती है और अनेक विकार शांत हो जाते है .
- यह शीतल और पित्त को शांत करने वाली है .
- दूब के रस को हरा रक्त कहा जाता है . इसे पीने से एनीमिया ठीक हो जाता है .